तमंचे के बल पर जय श्री राम का नारा? क्या है सच्चाई? या हिन्दुओं को बदनाम करने का एक और षड्यंत्र

उत्तर प्रदेश में चुनाव नज़दीक आते ही अफवाह वालों की फैक्ट्री शुरू हो गयी है। गाज़ियाबाद के लोनी क्षेत्र में एक मुस्लिम बुजुर्ग के साथ मारपीट का एक वीडियो कल नेट पर छाया रहा। वीडियो में आरोप लगाया गया कि गाज़ियाबाद में एक मुस्लिम व्यक्ति को मारापीटा गया और फिर जय श्री राम बुलवाया और उसकी दाढ़ी भी काट दी। उस बुजुर्ग ने कहा कि उसे लोनी में एक घर में जबरन ले जाया गया और फिर उसकी पिटाई की गयी।

हालांकि पुलिस के पास दर्ज की गयी शिकायत में ऐसा कुछ भी नहीं था। फिर भी पुलिस इस वायरल वीडियो के कारण हरकत में आई और गाज़ियाबाद के एसएसपी अमित पाठक ने कहा कि बुलंदशहर के निवासी अब्दुल समद, जिन्होनें यह शिकायत दर्ज कराई थी, उन्होंने ऐसे आरोप अपनी शिकायत में नहीं लगाए थे। एसएसपी ने यह भी कहा कि पुलिस ने पहले ही परवेश गुज्जर को हिरासत में ले लिया है, जिसने समद से एक तावीज़ लिया था। पुलिस का कहना यह भी था कि उन्होंने समद को प्रस्तुत होने के लिए सम्मन जारी किया था, पर वह पुलिस के सामने प्रस्तुत नहीं हुए।

जैसे ही यह वीडियो आया वैसे ही हिन्दुओं को बदनाम करने वाली टूलकिट सक्रिय हो गयी और ओवैसी से लेकर सेक्युलर पत्रकार भी इस वीडियो के आधार पर हिन्दू धर्म को कोसने लगे। जिनमें आरफा खानम शेरवानी जैसी पत्रकार सबसे आगे थीं”

एनडीटीवी ने भी मौक़ा नहीं छोड़ा।

https://www.ndtv.com/india-news/muslim-man-assaulted-in-ups-loni-attackers-forcibly-cut-his-beard-2463327

आज जब पुलिस ने मामले का खुलासा किया तो सच्चाई कुछ और ही निकली और निकल कर आया कि यह मारपीट तावीज़ बनाने के कारण हुई थी। पुलिस ने बताया कि

सोशल मीडिया पर बुजुर्ग के साथ मारपीट व अभद्रता के वायरल वीडियो के सम्बन्ध में जांच करने पर पाया कि पीड़ित अब्दुल समद दिनांक 5 जून को बुलंदशहर से बेहटा, लोनी बॉर्डर आया था, जहाँ से एक अन्य व्यक्ति के साथ मुख्य आरोपी परवेश गुज्जर के घर बंथला लोनी गया था। परवेश के घर कुछ समय में अन्य लड़के कल्लू, पोली, आरिफ, आदिल और मुशाहिद आ गए और परवेश के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी. उनके अनुसार अब्दुल समद ताबीज बनाने का कार्य करता है, उसके ताबीज से उनके परिवार पर उलटा असर हुआ है। इस वजह से उन्होंने यह कृत्य किया है। अब्दुल समद और प्रवेश, आदिल, कल्लू आदि लड़के एक दूसरे से पूर्व परिचित ही थे क्योंकि अब्दुल समद द्वारा गाँव में कई लोगों को ताबीज दिए थे। प्रकरण में पंजीकृत अभियोग में समुचित धाराओं में वृद्धि करते हुए पूर्व में ही मुख्य अभियुक्त परवेश गुज्जर की गिरफ्तारी की जा चुकी है और आज 14 जून को अन्य दो अभियुक्तों कल्लू व आदिल के गिरफ्तारी की गयी है। अन्य अभियुक्तों की भी शीघ्र गिरफ्तारी कर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

गाज़ियाबाद पुलिस ने बताया कि यह घटना 5 जून 2021 की थी, जिसके बारे में दो दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गयी थी।

इस प्रकार एक बार फिर से हिन्दुओं को बदनाम करने का इन कथित लिबरल पत्रकारों का एजेंडा विफल हुआ है। ओवैसी जैसे लोगों के दिल में हिन्दुओं के प्रति कितना जहर और नफरत भरी है कि वह एक बार भी यह जांचने की कोशिश नहीं करते कि आखिर मामला क्या है? जो वायरल है वह कितना सच और कितना झूठ है, हिन्दुओं को बदनाम करने के हर मौके में यह लोग अपनी कौम के साथ खड़े होते हैं। पर इस मामले में तो इधर और उधर उन्हीं की कौम है, इसमें क्या करेंगे वह?


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