यूएस-प्रायोजित विवादास्पद ईसाई ‘चैरिटी’ वर्ल्ड विजन को सन टीवी ने 6 करोड़ रुपये दान दिए

चेन्नई स्थित मीडिया हाउस, डीएमके पार्टी के करीबी माने जाने वाले सन टीवी ने हाल ही में विवादास्पद ईसाई चैरिटी, वर्ल्ड विज़न, जो शिक्षा, स्वास्थ्य आदि में परिष्कृत हस्तक्षेपों के माध्यम से लगभग विशेष रूप से बाल इंजीलवाद पर केंद्रित है, को 6 करोड़ रुपये दान दिए

सन टीवी का स्वामित्व दिवंगत द्रमुक सुप्रीमो एम करुणानिधि के पोते कलानिधि मारन के पास है। 1992 में स्थापित, चैनल ने 2007-08 में संक्षिप्त अवधि, जबकि मारन भाइयों में सत्ता के लिए खींचतान चल रही थी, को छोड़कर डीएमके के मुखपत्र के रूप में काम किया है।

द्रमुक (द्रविड़ मुनेत्र कषगम) द्रविड़ आंदोलन के पक्ष में है, जिसने आर्य-द्रविड़ की झूठी धारणा को यह कहकर प्रचारित किया है कि ब्राह्मण और अन्य ‘उच्च’ वर्ण आर्य हैं, जिन्होंने देश के उत्तरी हिस्सों से आकर दक्षिण के मूलनिवासी द्रविड़ों को अपना दास बनाया और ‘आर्य धर्म’ का पालन करने के लिए बाध्य किया।

दक्षिण भारतीय इतिहास की विकृति के लिए यह नस्लीय रूपरेखा वास्तव में 19 वीं शताब्दी में पहली बार ईसाई मिशनरियों बिशप रॉबर्ट केल्डवेल और बिशप जॉर्ज पोप द्वारा विकसित की गई थी। इसलिए यह कोई आश्चर्य नहीं है कि आज का द्रविड़ आंदोलन आधुनिक समय के ईसाई इंजीलवाद से बहुत बुरी तरह से प्रभावित है। ब्राह्मणवाद-विरोधी द्रविड़वाद अब पूरी तरह से हिंदू विरोधी हो गया है।

इस इतिहास के चलते सन टीवी के विवादास्पद ईसाई इंजीलवादी एनजीओ वर्ल्ड विज़न को दान देने का निर्णय आश्चर्यचकित नहीं है।

वर्ल्ड विज़न

वर्ल्ड विज़न खुद को कुछ इस तरह पेश करता है –

‘हम एक ईसाई राहत, विकास और वकालत करने वाले संगठन हैं, जहां कोई और नहीं जाता वहाँ हम जाते हैं क्योंकि यीशु वहाँ जिंदा हैं जहाँ बचपन गुजरना कठिन है’।

भारत में, वर्ल्ड विज़न एक एफसीआरए-एनजीओ (FCRA-NGO) है जिसका पंजीकरण क्रमांक # TN / 075900011 है। इसने 2016-17 में 331 करोड़ रुपये का विदेशी धन प्राप्त किया। वर्ल्ड विज़न के अपने अमेरिकी कर रिटर्न के अनुसार, वित्त वर्ष 2013 में, इसे अमेरिकी सरकार से अनुदान में $ 178 मिलियन की एक चौंका देने वाली और कुल $ 1 बिलियन का राजस्व प्राप्त हुआ! वर्ल्ड विज़न को अन्य पश्चिमी सरकारों जैसे यूके, जर्मनी आदि से भी धन प्राप्त होता है।

सतह पर, वर्ल्ड विज़न बाल अधिकारों से संबंधित ‘धर्मनिरपेक्ष’ गतिविधियों में संलग्न है, तो वही दूसरी तरफ यह उन संगठनों के लिए धन मुहैया भी कराता है जो सीधे ईसाई धर्मांतरण कार्य में शामिल हैं।

वर्ल्ड विज़न की भारत में गहरी घुसपैठ राज्यों की चौका देने वाली संख्या में देखी जा सकती है, जहाँ यह बाल अधिकारों, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक न्याय आदि से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों में सरकारी विभागों के साथ साझेदारी कर रहा है। यह ट्विटर सूत्र इस बात की झलक प्रदान करता है कि वर्ल्ड विज़न किस निडरता से तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, ओडिशा, मिजोरम, हरियाणा, एमपी, जेएंडके (पूर्व) आदि में काम करता है!

मध्य पूर्व फोरम (Middle East Forum), एक अमेरिकी प्रबुद्ध संस्था, जो मध्य पूर्व पर केंद्रित है, ने हाल ही में खुलासा किया कि कैसे वर्ल्ड विज़न आतंक-वित्तपोषण में शामिल है – यह ओसामा बिन लादेन से जुड़े सूडानी संगठन इस्लामिक रिलीफ एजेंसी (ISRA) को संयुक्त राष्ट्र और यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फ़ॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) से प्राप्त अनुदान के साथ वित्त पोषण कर रहा था। अमेरिकी कांग्रेस के उच्च पदस्थ सदस्यों ने इस घोटाले के उजागर होने पर वर्ल्ड विजन की वकालत की।

सही मायने में, दृष्टि वैश्विक है और अंतिम लक्ष्य सिर्फ एक विश्व धर्म है, जहां अन्य सभी आध्यात्मिक मार्ग और स्वदेशी संस्कृतियां केवल विलुप्त होंगी या फिर संग्रहालयों में संरक्षित होंगी।

(यह लेख एक अँग्रेज़ी लेख का हिंदी अनुवाद है )


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