लगातार दायरा बढ़ा रहा है लव जिहाद

अभी तक लव जिहाद के मामले युवतियों के ही आ रहे थे, पर हाल ही में एक ऐसा मामला आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है, और यह बच्चों को देने वाले मोबाइल से भी जुड़ा है। पश्चिम बंगाल में पैदा हुई पामेला कराटे की दीवानी थी और वह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी भाग ले चुकी थी। शायद वह एक खिलाड़ी बन सकती थी, परन्तु उसकी किस्मत उसे मौत की गलियों में ले गया।

उसे वीडियो बनाने का शौक था। और यही शौक उसे शायद सोशल मीडिया तक ले गया और उसके कई वीडियो इन्स्टाग्राम पर मौजूद हैं। क्या इतनी छोटी बच्ची का खाता सोशल मीडिया के किसी प्लेटफोर्म पर होना चाहिए? मातापिता ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।

4 जुलाई 2021 को रात को उसका शव उसके घर की छत से टंगा हुआ मिला।  शव मिलने से एकदम से सनसनी फ़ैल गयी और फिर राज खुला कि दो साल से कोई सन्नी खान नामक लड़का उसके साथ सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में है और उसने मॉडलिंग का झांसा देकर कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें पामेला के साथ खींच ली थीं, और फिर वह ब्लैकमेल करता था। पामेला इस ब्लैकमेलिंग से दुखी हो गयी थी और फिर उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया।

हालांकि कुछ समाचारों के अनुसार पुलिस ने कहा है कि चूंकि आरोपी का नाम नकली हो सकता है, इसलिए वह नाम का खुलासा नहीं कर रहे हैं, फिर भी कुछ वेबसाइट्स के अनुसार उसका नाम सन्नी खान था, जिसने पहले मॉडलिंग के नाम पर उसके साथ आपत्तिजनक तस्वीरें खींची और उसके आधार पर ब्लैकमेल किया और जिससे परेशान होकर पामेला को आत्महत्या करनी पड़ीं!

आज लव जिहाद का एक और मामला सामने आया, जिसमें मध्य प्रदेश की कीर्ति जैन ने आत्महत्या कर ली थी। कीर्ति जैन एक जैन परिवार की लड़की थी और ठीक ठाक संपन्न परिवार की लडकी थी। स्कूल के दिनों से ही उसकी दोस्ती वसीम से हुई और जैसे ही वह 18 साल की हुई, वह वसीम के साथ भाग गयी। यह घटना तीन वर्ष पूर्व की है,

कीर्ति के भाई के अनुसार उसका पता लग गया था, मगर जब उन्होंने उससे संपर्क किया तो उसने अपने मन से इस्लाम में जाने की बात करते हुए घर लौटने से इंकार कर दिया। और कहा कि वह खुद जा रही है।

उसके भाई का यह भी कहना था कि कीर्ति ने कहा कि वसीम ने उसे भरोसा दिया है कि वह उसे जीवनशैली या नाम बदलने को नहीं कहेगा। और जब पुलिस को यह पता चला कि वह अपने मन से गयी है तो उन्होंने भी मामले का पीछा करना बंद कर दिया।

हालांकि कुछ ही महीने बाद उसने अपने परिवार से संपर्क किया कि वसीम का परिवार बहुत गरीब है और वसीम कुछ नहीं कमाता है। उसके घरवालों ने ही डिलीवरी के लिए दो लाख रूपए दिए थे।

मगर लॉक डाउन के दौरान कीर्ति का सम्पर्क परिवार से नहीं हुआ और जब हुआ तो मृत देह के रूप में, क्योंकि प्रताड़ना से तंग आकर उसने जहर खा लिया था। हालांकि उन्होंने कीर्ति का अंतिम संस्कार हिन्दू रीति रिवाज़ के अनुसार ही किया, जिस पर उसकी ससुराल से आपत्ति दर्ज की गयी थी, परन्तु न ही परिवार और न ही पुलिस ने सुना और उनसे सबूत माँगा! सबूत मिलने में नाकाम रहने पर कीर्ति का अंतिम संस्कार कर दिया गया!

यह दोनों ही मामले एक तरफ और इशारा करते हैं कि अब उनके निशाने पर वह लडकियां हैं, जिनका दिमाग अभी विकसित नहीं हुआ है और जिन्हें आसानी से बहलाया जा सकता है। ऐसे में अब मातापिता का यह उत्तरदायित्व बनता है कि वह अपने बच्चों का फोन अवश्य चेक करें, उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल पर नज़र रखें और उन्हें इस खतरे के बारे में जितना अधिक से अधिक हो आगाह करते रहें!


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