ट्विटर ने भारत के उपराष्ट्रपति के व्यक्तिगत हैंडल से ब्लू टिक हटा कर मंशा स्पष्ट कर दी है

ट्विटर ने आज कई हैंडल्स से ब्लू टिक हटाए थे, ब्लू टिक का अर्थ है ट्विटर द्वारा दी गयी, मान्यता. ट्विटर हैंडल को वेरीफाई करता है और फिर ब्लूटिक देता है, पर आज ट्विटर ने भारत के उपराष्ट्रपति श्री वैंकया नायडू के व्यक्तिगत हैंडल का ब्लूटिक हटा दिया था।

बवाल बढ़ने पर और विवाद अधिक होने पर उसने चुपके से ब्लूटिक की स्थिति रीस्टोर कर दी।

इसके पीछे कारण यह दिया जा रहा है कि इस हैंडल से पिछले छ महीने से एक भी ट्वीट नहीं हुआ है। यदि यही कारण है तो अभी तक दिवंगत नेता श्री अरुण जेटली के ट्विटर हैंडल में ब्लू टिक क्यों लगा हुआ है। इतना ही नहीं आरएसएस के कई नेताओं जैसे सुरेश सोनी, अरुण कुमार, कृष्ण गोपाल और सुरेश जोशी के ट्विटर हैंडल से ब्लू टिक हटाया जा चुका था।

सोशल मीडिया प्लेटफोर्म ट्विटर अपनी एक समानांतर सरकार चला रहा है जहाँ पर वह जब मन चाहता है उनका अकाउंट हटाता है और वाम पंथी विचारधारा वाले लोगों के छोटे से छोटे हैंडल को ब्लूटिक देता है।

यह देखना रोचक होगा कि अब भारत सरकार का क्या रुख रहता है, क्योंकि ट्विटर ने अभी तक भारत सरकार के क़ानून के अनुसार चलने पर हामी नहीं भरी है। ट्विटर हर बार अपनी मनमानी कर रहा है और भारत सरकार को नीचा दिखाने की फिराक में है। तीन दिन पहले नाइजीरिया के राष्ट्रपति का अकाउंट ट्विटर ने सस्पेंड किया था। नाइजीरिया के राष्ट्रपति ने सिविल वार को लेकर एक ट्वीट किया था और वहां के दक्षिण पूर्व में हुई हिंसा का उल्लेख किया था।

उन्होंने कहा था कि “आज जो भी लोग गलत व्यवहार कर रहे हैं, वह युद्ध की जानकारी को लेकर काफी युवा हैं। उन्हें नहीं पता कि तब कितनी जानें गई थीं और कितना नुकसान हुआ था। हम 30 महीने तक मैदान में रहे थे और इस बार भी उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाएगा।

और बाद में यही ट्वीट उनके आधिकारिक अकाउंट से भी किया गया था। इस पर ट्विटर ने इसे यह कहते हुए हटा दिया था कि यह उसकी नीतियों के खिलाफ है।

मीडिया के अनुसार सूचना मंत्री लाई मोहम्मद ने ट्विटर पर आरोप लगाया था कि वह एक एजेंडा चला रहा है। और वह जानबूझकर कुछ ट्वीट्स को डिलीट करता है। परसों नाइज़ीरिया में ट्विटर को अनिश्चित काल के लिए सस्पेंड कर दिया गया।

आज भारत के उपराष्ट्रपति का व्यक्तिगत हैंडल असत्यापित कर ट्विटर ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है, इससे पहले भी कांग्रेस टूलकिट के मामले में ट्विटर अपनी हरकत दिखा चुका है। अब देखना होगा कि भारत सरकार क्या कदम उठाती है क्योंकि वामपंथी विचारधारा का पोषक ट्विटर ट्रंप के साथ क्या कर चुका है, यह पूरी दुनिया देख चुकी है। आज भले ही भारत के उपराष्ट्रपति के व्यक्तिगत ट्विटर हैंडल का ब्लूटिक वापस दे दिया है, परन्तु एक प्रश्न उठता है कि क्या अब ट्विटर और कुछ गिने चुने लोग जैसे जो लोग ट्विटर के कार्यालय में कार्य करते हैं, वह यह निर्धारित करेंगे कि कौन क्या कहेगा? क्या ट्विटर की कथित सरकार किसी संप्रभु राष्ट्र की सरकार को जब चाहे अपमानित कर सकती है?

अब ट्विटर ने एक और कदम उठाते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के ट्विटर हैंडल का ब्लू टिक हटा दिया है और साथ ही उनका सारा डेटा डिलीट कर दिया है! संघ की ओर से कहा गया है कि उन्होंने ट्विटर से संपर्क किया है, परन्तु अभी तक उत्तर नहीं मिला है!

आज की घटना से आने वाले कल का अंदाजा हो गया है कि राष्ट्रवादी विचारों के साथ ट्विटर पर क्या होने जा रहा है? और ट्विटर के इरादे क्या हैं? 


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